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घुटन

घुटन

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ज़रा सा हाथ बढ़ाओ बड़ी घुटन है यहां

मुझे निजात दिलाओ बड़ी घुटन है यहां


ये कौन नब्ज़ दे गया गिन कर मुझे

ज़रा सी धड़कन बढ़ाओ बड़ी घुटन है यहां


पकड़ के पास बिठाओ मेरे बचपन को

और ये किताबें हटाओ बड़ी घुटन है यहां


उदास रखते हो आंखें क़यों ग़ुरबत की

इन्हें कोई ख़वाब दिखाओ बड़ी घुटन है यहां


हया के पहलु मे मौहब़बत जवान होती है

ज़रा सी शर्म हटाओ बड़ी घुटन है यहां


उड़ेल दे साक़ी मै के सागर सीने मे

मगर आफ़ताब बुझाओ बड़ी घुटन है यहां


लगी है भीड़ यहां बस इसको पाने मे

ये दुनिया दिल से हटाओ बड़ी घुटन है यहां


जावेदा महफ़िल और ये चांद के नख़रे

अब ये सितारे हटाओ बड़ी घुटन है यहां




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