STORYMIRROR

घुटन

घुटन

1 min
388



ज़रा सा हाथ बढ़ाओ बड़ी घुटन है यहां

मुझे निजात दिलाओ बड़ी घुटन है यहां


ये कौन नब्ज़ दे गया गिन कर मुझे

ज़रा सी धड़कन बढ़ाओ बड़ी घुटन है यहां


पकड़ के पास बिठाओ मेरे बचपन को

और ये किताबें हटाओ बड़ी घुटन है यहां


उदास रखते हो आंखें क़यों ग़ुरबत की

इन्हें कोई ख़वाब दिखाओ बड़ी घुटन है यहां


हया के पहलु मे मौहब़बत जवान होती है

ज़रा सी शर्म हटाओ बड़ी घुटन है यहां


उड़ेल दे साक़ी मै के सागर सीने मे

मगर आफ़ताब बुझाओ बड़ी घुटन है यहां


लगी है भीड़ यहां बस इसको पाने मे

ये दुनिया दिल से हटाओ बड़ी घुटन है यहां


जावेदा महफ़िल और ये चांद के नख़रे

अब ये सितारे हटाओ बड़ी घुटन है यहां




विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Tragedy