STORYMIRROR

Ashutosh Atharv

Drama

3  

Ashutosh Atharv

Drama

घर में भी एक दुनिया है

घर में भी एक दुनिया है

1 min
213

बाहरी दुनिया से अलग, घर में भी एक दुनिया है

भूल गए थे भागदौड़ में,कितनी खूबसूरत दुनिया है


इस दुनिया के वास्ते ही, दर दर भटका करते थे

एक दिन की छुट्टी मिले मिन्नतें किया करते थे


कोरोना के डर से ही घर में सिमट गए है लोग

सोशल मीडिया से अपनी संवाद भेज रहे है लोग


कहने को दूरियां रखी पर, मिट गई कई दूरियां 

भूल गए थे भागदौड़ में इतनी खूबसूरत दुनियां।


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Drama