Ashutosh Atharv
Fantasy
मंगल पर ऑक्सीजन बना जीवन तलाश रहे हो तुम
अस्पताल में ऑक्सीजन बिन जीवन गवां रहे है हम
भय और दर्द के आंसू आंखों में छलछला गए ऐसे
दूसरी दुनिया के सपने भी नहीं सजा पा रहे है हम।
क्या इस कलियु...
ऐ सूरज
समय का मारा क...
जल जीवन हरिया...
फेसबुक वाला
समय विकट है
आठ मुक्तक
मंगल पर ऑक्सी...
दिनकर
गीता का उपदेश
या फिर हमसे जुड़ी हर बात में , कुछ ऐसा असर था। या फिर हमसे जुड़ी हर बात में , कुछ ऐसा असर था।
तेरी हंसी से रोशन हैं रातें मेरी, हर धड़कन तुझसे बंधा एक इश्क हो। तेरी हंसी से रोशन हैं रातें मेरी, हर धड़कन तुझसे बंधा एक इश्क हो।
नर ना रहेंगे नर, देवों से ही मुलाकात होगी, नर ना रहेंगे नर, देवों से ही मुलाकात होगी,
मनमोहक सी छवि प्यारी सबके मन को लगती न्यारी मनमोहक सी छवि प्यारी सबके मन को लगती न्यारी
फिर मैं तुम्हें सोचता हूँ और खामोशी से पूछता हूँ फिर मैं तुम्हें सोचता हूँ और खामोशी से पूछता हूँ
मेरे चंचल मन को अपार शांति मिलती है मेरे चंचल मन को अपार शांति मिलती है
पता नहीं क्यों, थोड़ी देर पहले तो ये सो रही थी। पता नहीं क्यों, थोड़ी देर पहले तो ये सो रही थी।
लोग कहते हैं यह दशकों पुरानी हैं कहानियां। लोग कहते हैं यह दशकों पुरानी हैं कहानियां।
सबसे दूर होते होते, आदत सी पड़ गई अब अकेला रहने की. सबसे दूर होते होते, आदत सी पड़ गई अब अकेला रहने की.
हम बाहर रहकर अपनी उन सारी ख्वाहिशों है हम बाहर रहकर अपनी उन सारी ख्वाहिशों है
जिसकी महक अंत तक बनी रहती है जिसकी महक अंत तक बनी रहती है
इस नाव को इख्तियार है लहरों के संग बहती रहे इस नाव को इख्तियार है लहरों के संग बहती रहे
शायद यही हमारे प्यार का संगम है शायद यही हमारे प्यार का संगम है
जो सबका दोस्त होता है किसी का दोस्त नहीं होता , जो सबका दोस्त होता है किसी का दोस्त नहीं होता ,
कृष्ण की मोहिनी सूरत राधा के दिल में बसी है, कृष्ण की मोहिनी सूरत राधा के दिल में बसी है,
होंठों की मुस्कुराहट के पीछे कैद रखता हूं दास्तान दर्द की जो मेरे हालात जो हैं जैसे है होंठों की मुस्कुराहट के पीछे कैद रखता हूं दास्तान दर्द की जो मेरे हालात जो है...
काश खुद को समझाना आसान होता काश खुद को समझाना आसान होता
खुद को बचा कर रखा था , अब तक हर नशे से जिसने, खुद को बचा कर रखा था , अब तक हर नशे से जिसने,
आजकल तो लोग रूठे हुए को मनाते ही नहीं रिश्ता ही छोड़ देते है आजकल तो लोग रूठे हुए को मनाते ही नहीं रिश्ता ही छोड़ देते है
पर कुछ समझाने जैसी भी पर कुछ समझाने जैसी भी