Reena Kakran
Children
बहुत ही सुन्दर फूल है गेंदा,
वर्ष भर उगने वाला पौधा।
सजावट के यह काम आता,
हर उत्सव की शोभा बढ़ाता।।
कई रंगों में पाया जाता,
धरती को रंग-बिरंगी बनाता।
गुजराती में कहते गलगोटा,
मारवाड़ी में हजारी गजरा।।
सन्तोष
मेरा बस्ता
सरकारी स्कूल ...
शिक्षा वरदान
शब्द महिमा
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सीमा
एक पल की खबर ...
रक्षाबन्धन
बादाम
बचपन में तेरी उंगली पकड़कर चलना, गोदी की पालकी में सुकून से पलना, तेरी लोरी में चाँद तारों से मिलना, ... बचपन में तेरी उंगली पकड़कर चलना, गोदी की पालकी में सुकून से पलना, तेरी लोरी में च...
माँ से सुन तारीफ इतनी मेरा मन कुछ बदला, सोचा खा लेती हूँ माना बहुत है कड़वा। माँ से सुन तारीफ इतनी मेरा मन कुछ बदला, सोचा खा लेती हूँ माना बहुत है कड़व...
आसमान पर बादल छाया चाचा अपना छाता लाया। आसमान पर बादल छाया चाचा अपना छाता लाया।
बाग़ में जब तक उसे न देख लूँ मेरी सुबह की सैर जैसे अधूरी है। बाग़ में जब तक उसे न देख लूँ मेरी सुबह की सैर जैसे अधूरी है।
देश देखता राह तुम्हारी बच्चों भारतवर्ष के, मेहनत और परिश्रम से उन्नति ले आओ अर्श से। देश देखता राह तुम्हारी बच्चों भारतवर्ष के, मेहनत और परिश्रम से उन्नति ले आओ ...
नहीं चाहिए थी गाड़ी, बस, और न वायुयान। उड़ते-उड़ते ही लख लेती, सारा हिन्दुस्तान। नहीं चाहिए थी गाड़ी, बस, और न वायुयान। उड़ते-उड़ते ही लख लेती, सारा हि...
क्या वास्तव में हम इंसान समय की यात्रा कर सकते हैं? समय सीमा पार कर, भूत और भविष्य में? क्या वास्तव में हम इंसान समय की यात्रा कर सकते हैं? समय सीमा पार कर, भूत और भवि...
नौ एकम नौ, खुद पर भरोसा करो। नौ दूनी अट्ठारह, इरादा मज़बूत हमारा ।। नौ एकम नौ, खुद पर भरोसा करो। नौ दूनी अट्ठारह, इरादा मज़बूत हमारा ।।
कोई तारें बिछा दो फोन की भगवान के घर तक,मुझे माँ तक बात पहुंचानी है। कोई तारें बिछा दो फोन की भगवान के घर तक,मुझे माँ तक बात पहुंचानी है।
आखिर झूल गया फांसी पर हंसते हंसते वो दीवाना। आखिर झूल गया फांसी पर हंसते हंसते वो दीवाना।
गया था चूहा इक दिन खाने अनाज बाजार में! गया था चूहा इक दिन खाने अनाज बाजार में!
गिर जाते हैं मिट्टी में दाने, सूखे फल जो जमा कर रखे थे गिलहरी ने आने वाले समय के लिए टहनियों के ... गिर जाते हैं मिट्टी में दाने, सूखे फल जो जमा कर रखे थे गिलहरी ने आने वाले समय...
नई पौध के नौनिहालों , सीख लो तुम भी पेड उगाना ! नई पौध के नौनिहालों , सीख लो तुम भी पेड उगाना !
पेरेंट्स की समझ में भी यह फंडा आया बचपन की हिफाजत कर मैं मन ही मन मुस्कुराया। पेरेंट्स की समझ में भी यह फंडा आया बचपन की हिफाजत कर मैं मन ही मन मुस्कुराया...
कितने सुंदर लगते हैं ये , पके पके से आम। तोतापरी दशहरी लंगड़ा , कर्नाटक बादाम। कितने सुंदर लगते हैं ये , पके पके से आम। तोतापरी दशहरी लंगड़ा , कर्नाटक...
वे माँ-बाप थे जो अब तस्वीरों में चुप हैं हम कलेजे थे उनके, वे हमें लख्ते-जिगर कहते थे... वे माँ-बाप थे जो अब तस्वीरों में चुप हैं हम कलेजे थे उनके, वे हमें लख्ते-जिगर क...
प्रातःकाल में जो प्रतिदिन, प्रेरित कर हमें जगाता है। प्रातःकाल में जो प्रतिदिन, प्रेरित कर हमें जगाता है।
शिक्षक एक प्रवाह है । मंज़िल नहीं राह है ।। शिक्षक पवित्र है। शिक्षक एक प्रवाह है । मंज़िल नहीं राह है ।। शिक्षक पवित्र है।
बरगद होने के बाद तुम समझोगे प्रकृति और माँ को। बरगद होने के बाद तुम समझोगे प्रकृति और माँ को।
कहां खो गए वो हरे भरे खेत, कहां खो गई वो रेत? कहां खो गए वो हरे भरे खेत, कहां खो गई वो रेत?