Reena Kakran
Children
बहुत ही सुन्दर फूल है गेंदा,
वर्ष भर उगने वाला पौधा।
सजावट के यह काम आता,
हर उत्सव की शोभा बढ़ाता।।
कई रंगों में पाया जाता,
धरती को रंग-बिरंगी बनाता।
गुजराती में कहते गलगोटा,
मारवाड़ी में हजारी गजरा।।
सन्तोष
मेरा बस्ता
सरकारी स्कूल ...
शिक्षा वरदान
शब्द महिमा
अग्नि परीक्षा
सीमा
एक पल की खबर ...
रक्षाबन्धन
बादाम
बस मुझे इतना पता है, तू ही मेरी दुनिया जहां है मां बस मुझे इतना पता है, तू ही मेरी दुनिया जहां है मां
हो आप ही हमारा सहारा भगवान, हमारे प्यारे साईं नाथ। हो आप ही हमारा सहारा भगवान, हमारे प्यारे साईं नाथ।
पानी में अपनी ही छवि देखना या दर्पण में, प्रतिबिंब है। पानी में अपनी ही छवि देखना या दर्पण में, प्रतिबिंब है।
अभी कहाँ विश्राम है यारों , हमें बहुत दूर चलना होगा अभी कहाँ विश्राम है यारों , हमें बहुत दूर चलना होगा
मोहन सोहन दोनों भाई रोज करते बगिया की सैर। मोहन सोहन दोनों भाई रोज करते बगिया की सैर।
चांद सी प्यारी मेरी मधुबानी कैसे करूँ तारीफ मेरी जबानी। चांद सी प्यारी मेरी मधुबानी कैसे करूँ तारीफ मेरी जबानी।
आपका अच्छा बनाए चरित्र वही कहलाए सच्चा मित्र। आपका अच्छा बनाए चरित्र वही कहलाए सच्चा मित्र।
पढना है बहुत जरूरी जीवन के इस रण में। पढना है बहुत जरूरी जीवन के इस रण में।
चाहे फलक पर हो लाखों जगमगाते सितारे पर जमी को रोशन करता लाखों में एक चांद है मां चाहे फलक पर हो लाखों जगमगाते सितारे पर जमी को रोशन करता लाखों में एक च...
मुझे अच्छा नागरिक बनने दो देश के लिए शहीद होने दो। मुझे अच्छा नागरिक बनने दो देश के लिए शहीद होने दो।
तेरे ख्वाबों ख्यालों के रंग बिखरे हैं यहां पे। घर की जान है मेरी छोटी सी गुड़िया। तेरे ख्वाबों ख्यालों के रंग बिखरे हैं यहां पे। घर की जान है मेरी छोटी सी गुड़...
स्वस्थ शरीर और सुन्दर मन यह है ही सबसे बड़ी कमाई। स्वस्थ शरीर और सुन्दर मन यह है ही सबसे बड़ी कमाई।
चुन्नू मुन्नू चले बाजार बड़े भैया के साथ में। चुन्नू मुन्नू चले बाजार बड़े भैया के साथ में।
जो मानवीय गुण अपनाते हैं वह जीवन में उन्नति पाते हैं जो मानवीय गुण अपनाते हैं वह जीवन में उन्नति पाते हैं
हम बच्चे ही सही थे और वो बचपन के दिन ही ठीक थे। हम बच्चे ही सही थे और वो बचपन के दिन ही ठीक थे।
चारो ने मिलकर उसे समझाया और स्कूल को फिर से सही करवाया चारो ने मिलकर उसे समझाया और स्कूल को फिर से सही करवाया
प्रकृति की छटा निराली। देखो देखो ये हरियाली।। प्रकृति की छटा निराली। देखो देखो ये हरियाली।।
मैं बड़ा देश भक्त और सच्चा इन्सान हूं। मैं बड़ा देश भक्त और सच्चा इन्सान हूं।
एक बूंद पानी की कीमती, कीमत इसकी तुम पहचानो, कीमत इसकी तुम पहचानो। एक बूंद पानी की कीमती, कीमत इसकी तुम पहचानो, कीमत इसकी तुम पहचानो।
जब हम भी चाॅंद पर जाते होंगे वहां भी अजूबा कहलाते होंगे। जब हम भी चाॅंद पर जाते होंगे वहां भी अजूबा कहलाते होंगे।