Reena Kakran
Children
भाई-बहन का रिश्ता प्यारा,
रक्षाबन्धन त्योहार है न्यारा।
बहन की रक्षा का ये बन्धन,
भाई निभाता है जन्म-जन्म।।
राखी से सजती हैं कलाइयाँ,
बहनें खिलाती हैं मिठाइयाँ।
भैया की सारी बलाएँ लेती,
दिल से खूब दुआएँ हैं देती।।
सन्तोष
मेरा बस्ता
सरकारी स्कूल ...
शिक्षा वरदान
शब्द महिमा
अग्नि परीक्षा
सीमा
एक पल की खबर ...
रक्षाबन्धन
बादाम
रब्बा भी चर्चा का विषय बन जाता था! हर कोई रब्बा में बैठने के लिए ललचाचा था। रब्बा भी चर्चा का विषय बन जाता था! हर कोई रब्बा में बैठने के लिए ललचाचा था।
कॉलेज में बिताए वो दिन और दी गई शिक्षा हमेशा याद रहेगी भले ही वो स्कूल नहीं थी। कॉलेज में बिताए वो दिन और दी गई शिक्षा हमेशा याद रहेगी भले ही वो स्कूल नहीं ...
तुम मामा ही अच्छे थे जब हम छोटे बच्चे थे मैं नाक तुम्हारा ढूंढा करती थी अब मिला, तब तुम मामा ही अच्छे थे जब हम छोटे बच्चे थे मैं नाक तुम्हारा ढूंढा करती थी ...
क्यों सोच नहीं सही हो सकता है काश यह नवरात्रि रोज आए माँ, काश यह नवरात्रि रोज आए माँ। क्यों सोच नहीं सही हो सकता है काश यह नवरात्रि रोज आए माँ, काश यह नवरात्रि रोज...
नादानियां करती है, ना जाने कितना तंग करती है. नादानियां करती है, ना जाने कितना तंग करती है.
विद्यालय की पावन धरा तुम्हें बुला रही । यहीं स्कुली पोशाक में नन्हे नयनाभिराम बने हैं। विद्यालय की पावन धरा तुम्हें बुला रही । यहीं स्कुली पोशाक में नन्हे नयनाभिराम...
अंग्रेजों की धरती पर जिसने, आज़ादी का पहला बिगुल बजाया था, अंग्रेजों की धरती पर जिसने, आज़ादी का पहला बिगुल बजाया था,
दिन बटोरे गरमी की तन्हाई मुस्काई शाम। दिन बटोरे गरमी की तन्हाई मुस्काई शाम।
हवा की तरह उड़ते जाओ वातावरण से जुड़ते जाओ! हवा की तरह उड़ते जाओ वातावरण से जुड़ते जाओ!
जीव जंतु भी चिंतित है, देखकर कला अद्भुत।। जीव जंतु भी चिंतित है, देखकर कला अद्भुत।।
सिर रखकर लीची और आम चट कर जाना है। सिर रखकर लीची और आम चट कर जाना है।
मन बुद्धि से कर्मशील बन गुणवान कहलवाएं। शिक्षा देते जाएं आगे बढ़ते जाएं। मन बुद्धि से कर्मशील बन गुणवान कहलवाएं। शिक्षा देते जाएं आगे बढ़ते जाएं।
जब दुःख के दलदल में,आकंठ डूबे तब भी विचलित मत होना तुम,ये धुँध हटेगा भी। जब दुःख के दलदल में,आकंठ डूबे तब भी विचलित मत होना तुम,ये धुँध हटेगा भी।
है एक मा की जात तुम आई थी मेरे लिए वो जात लेकर। है एक मा की जात तुम आई थी मेरे लिए वो जात लेकर।
चिड़िया रानी तुम आ जाओ , चीं चीं चीं कर गीत सुनाओ। चिड़िया रानी तुम आ जाओ , चीं चीं चीं कर गीत सुनाओ।
पीतल की परात को लाकर, छुपा दिया फिर चौका चूल्हा। पीतल की परात को लाकर, छुपा दिया फिर चौका चूल्हा।
याद है उस दिन की बात हमें जब हम ने दो नन्हें पौधे लगाए थे। याद है उस दिन की बात हमें जब हम ने दो नन्हें पौधे लगाए थे।
जो केवल है हमारा प्यारा बचपन, बचपन, बचपन। जो केवल है हमारा प्यारा बचपन, बचपन, बचपन।
भूमि का शृंगार तरु है मिलकर नयी रवानी दें। भूमि का शृंगार तरु है मिलकर नयी रवानी दें।
जो केवल है हमारा प्यारा बचपन, बचपन, बचपन l जो केवल है हमारा प्यारा बचपन, बचपन, बचपन l