Reena Kakran
Children
भाई-बहन का रिश्ता प्यारा,
रक्षाबन्धन त्योहार है न्यारा।
बहन की रक्षा का ये बन्धन,
भाई निभाता है जन्म-जन्म।।
राखी से सजती हैं कलाइयाँ,
बहनें खिलाती हैं मिठाइयाँ।
भैया की सारी बलाएँ लेती,
दिल से खूब दुआएँ हैं देती।।
सन्तोष
मेरा बस्ता
सरकारी स्कूल ...
शिक्षा वरदान
शब्द महिमा
अग्नि परीक्षा
सीमा
एक पल की खबर ...
रक्षाबन्धन
बादाम
जब नन्हे - नन्हे पावों से चल, पास वो मेरे आते हैंं । हौले से कानो में मेरे। जब नन्हे - नन्हे पावों से चल, पास वो मेरे आते हैंं । हौले से कानो में मेरे...
जिसको जो मन चाहे ले जाए, हाथ पैर या पेट उठाए सर और धर जो उठाएगा, जिसको जो मन चाहे ले जाए, हाथ पैर या पेट उठाए सर और धर जो उठाएगा,
माँ से सुन तारीफ इतनी मेरा मन कुछ बदला, सोचा खा लेती हूँ माना बहुत है कड़वा। माँ से सुन तारीफ इतनी मेरा मन कुछ बदला, सोचा खा लेती हूँ माना बहुत है कड़व...
अरे, नारी के सम्मान की खातिर राजनीति का त्याग करो नेता से पहले बाप बनो फिर अपनी बेटी याद करो।। अरे, नारी के सम्मान की खातिर राजनीति का त्याग करो नेता से पहले बाप बनो फिर अपन...
हम बच्चों को है याद आता, हमारा प्यारा-प्यारा सा स्कूल। हम बच्चों को है याद आता, हमारा प्यारा-प्यारा सा स्कूल।
नहीं चाहिए थी गाड़ी, बस, और न वायुयान। उड़ते-उड़ते ही लख लेती, सारा हिन्दुस्तान। नहीं चाहिए थी गाड़ी, बस, और न वायुयान। उड़ते-उड़ते ही लख लेती, सारा हि...
लेकिन वह बूढ़ा सिंह माना नहीं, उसे घसीट कर ले गया नदी के किनारे। लेकिन वह बूढ़ा सिंह माना नहीं, उसे घसीट कर ले गया नदी के किनारे।
भूधर से सुंदर जो पाया था मैंने वह विस्मययुक्त स्वर्गलोक। भूधर से सुंदर जो पाया था मैंने वह विस्मययुक्त स्वर्गलोक।
क्या अब भी मेरी बॉल वहीं फ्रिज पर रखी रहती है क्या मेरी यूनिफॉर्म अभी भी, खूंटी पे टँगी रहती है क्या अब भी मेरी बॉल वहीं फ्रिज पर रखी रहती है क्या मेरी यूनिफॉर्म अभी भी, खूंटी...
वे शैतानियां याद कर लेते हैं। एक बार फिर बचपन जी लेते हैं। वे शैतानियां याद कर लेते हैं। एक बार फिर बचपन जी लेते हैं।
आये जो कोई आँच देश पर हम अपनी जान लुटा देंगे आये जो कोई आँच देश पर हम अपनी जान लुटा देंगे
पाकर तुझे खोना दर्द बहुत होता है अविस्मरणीय यादों से तूने जोड़ दिया नाता है पाकर तुझे खोना दर्द बहुत होता है अविस्मरणीय यादों से तूने जोड़ दिया नाता है
पूछे हमारा हाल दें हमें सम्मान पर थी नादानी यह हमारी, नासमझी अपनी पूछे हमारा हाल दें हमें सम्मान पर थी नादानी यह हमारी, नासमझी अपनी
माता पिता की बच्चों से बढ़ती आशा, बच्चों की कुछ करने की अभिलाषा, माता पिता की बच्चों से बढ़ती आशा, बच्चों की कुछ करने की अभिलाषा,
लॉकडाउन से पहले विनती होती मम्मी से हमारी, कभी तो छुट्टी भी करा दो ओ मम्मी मेरी प्यारी लॉकडाउन से पहले विनती होती मम्मी से हमारी, कभी तो छुट्टी भी करा दो ओ मम्मी मे...
मिल सकता है तुम को भी आदर और सम्मान। मिल सकता है तुम को भी आदर और सम्मान।
नई पौध के नौनिहालों , सीख लो तुम भी पेड उगाना ! नई पौध के नौनिहालों , सीख लो तुम भी पेड उगाना !
बेटियाँ इन्हें कमजोर न समझो बहुत मजबूत होती है बेटियां। बेटियाँ इन्हें कमजोर न समझो बहुत मजबूत होती है बेटियां।
प्रातःकाल में जो प्रतिदिन, प्रेरित कर हमें जगाता है। प्रातःकाल में जो प्रतिदिन, प्रेरित कर हमें जगाता है।
उनके जाने से मानो गिल्लू थी बहुत उदास अब न वो कमरे में आती और न खिड़की के पास।। उनके जाने से मानो गिल्लू थी बहुत उदास अब न वो कमरे में आती और न खिड़की के पा...