STORYMIRROR

Bhawna Lal

Abstract Children

4  

Bhawna Lal

Abstract Children

मां

मां

1 min
269

जीवन का आधार है मां 

जीवन का मधुर सार है मां

 मां का अदृश्य रूप भी देता दुआएं हैं 

 महसूस करना उनको

 यह तो बस अपनी अपनी भावनाएं हैं, 

 मोहब्बत है, परवाह है, हिफाजत है मां

 चाहे हो रूप कोई 

हर रूप में इबादत है मां, 

इस सृष्टि की सृजन करता है मां

 जिसकी दुआएं कभी खारिज नहीं जाती

 उस ईश्वर की दुआओं का स्वरूप है मां , 

 इम्तिहानों के दौर में

 कांटों को चुनकर जो फूल सजाए , 

 वह पथ प्रदर्शक है मां , 

निराशा के अंधेरों पर विजय पाती 

आशाओं के उजालों की परिभाषा है मां , 

चाहे फलक पर हो लाखों जगमगाते सितारे 

पर जमी को रोशन करता 

लाखों में एक चांद है मां !!!! 


मेरी मां के लिए चार पंक्तियां श्रद्धांजलि

 आंखें बंद करके तुम्हें महसूस कर लेते हैं

 तुम्हारी हंसी की गूंज को कानों में भर लेते हैं 

 तेरे प्यार को याद करके परिधान बनाकर ओढ़ लेते हैं 

 अपने हाथों का स्पर्श जब

 हमारे सर पर तुम रखती हो मां 

अपने ममत्व का आलिंगन देकर 

दुआओं के सुकून से हमें भर देती हो मां



विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Abstract