Neha Yadav
Drama
फ़र्क तुम्हें कहाँ पड़ता है,
मेरे होने ना होने से,
माशूका तुम्हारी इश्क़ नहीं हूं।
वजह हूँ मुसीबतों का,
जहर की तरह घुल जाऊंगी,
विष ना भर तुम्हारी मेहर नही हूं।
अपनी हद की समझ है मुझमें,
तुम्हारी सीमाओं को लांघ कर,
जीवन के खुशियों की खुदगर्ज नही हूं।
यादों की बारि...
देशहित में
घर छोड़ जाने क...
मकाम हैं हम
मैं तुम का भे...
सच्चाई
वो पहली मुलाक...
विश्वास
संवेदनशील नार...
tera pura hak hai muse ruth ne ka tera pura hak hai muse ruth ne ka usse bhi zyada tera oura hak ... tera pura hak hai muse ruth ne ka tera pura hak hai muse ruth ne ka usse bhi z...
Zindgi ko sabse aasan banane vali Meri behen, Kudh bhale hi kitni bhi stress me ho per Meri zindgi... Zindgi ko sabse aasan banane vali Meri behen, Kudh bhale hi kitni bhi stress me...
Ha ! Akeli hu mei Kyuki koi aaj tak samj nahi pata muje Kehte hai bohot immature hai tu Ha ! Akeli hu mei Kyuki koi aaj tak samj nahi pata muje Kehte hai bohot immat...
नथ *बरसे कबसे जाने ये बदरिया* की मन मेरा झूमे जाए रे, कहे बोले ये मयूरा की नथ *बरसे कबसे जाने ये बदरिया* की मन मेरा झूमे जाए रे, कहे बोले ये मयूरा की
और चाहती है छोटा सा निवाला खैरात के सम्मान का आत्म सम्मान के नाम पर। और चाहती है छोटा सा निवाला खैरात के सम्मान का आत्म सम्मान के नाम पर।
मुझको मेरी मांँ मेरी मांँ मांँ मेरी मांँ दे दो। मुझको मेरी मांँ मेरी मांँ मांँ मेरी मांँ दे दो।
जिसने सिर्फ सहना सीखा, आवाज़ उठाना भूल गया। जिसने सिर्फ सहना सीखा, आवाज़ उठाना भूल गया।
लेकिन मैं अब जान चुकी हूँ तुम्हारे लिए मैं किसी तकिये से कम नहीं हूँ.. लेकिन मैं अब जान चुकी हूँ तुम्हारे लिए मैं किसी तकिये से कम नहीं हूँ..
कभी उसे देखती हूँ चलते हुए दरख्तों के बीच से..... शायद हरियाली की आस में.... कभी उसे देखती हूँ चलते हुए दरख्तों के बीच से..... शायद हरियाली की आस में....
हाँ, मैं एक कठपुतली हूँ.... प्रारब्ध की जीती जागती कठपुतली। हाँ, मैं एक कठपुतली हूँ.... प्रारब्ध की जीती जागती कठपुतली।
बन्द कर दिया,पाक का हुक्का-पानी याद दिला दी,पाक को उसकी नानी क्या पाक भूल गया है,पुरानी कहानी कैसे ह... बन्द कर दिया,पाक का हुक्का-पानी याद दिला दी,पाक को उसकी नानी क्या पाक भूल गया है...
बंद है पलके और मौन है अधर अंदर ही अंदर बजता है संदल कोई न राजदार दिखता है नज़र हर घर में होता है र... बंद है पलके और मौन है अधर अंदर ही अंदर बजता है संदल कोई न राजदार दिखता है नज़र ...
Muje kudhse hi hogya hai pyaar Ha Muje kudhse hi hogya hai pyaar Sayad Muje kudhse hi hogya hai pyaar Ha Muje kudhse hi hogya hai pyaar Sayad
तुम में दम है तुम कुछ भी कर सकती हो तुम में दम है तुम कुछ भी कर सकती हो
"श्री पराशर" ज्ञान के महासागर भगवान श्री पराशर वेदव्यास जी के पिता "श्री पराशर" ज्ञान के महासागर भगवान श्री पराशर वेदव्यास जी के पिता
कोई और न आएगा आंसू पोंछने, यहाॅं खुद ही रूठना और खुद को मनाना होता है। कोई और न आएगा आंसू पोंछने, यहाॅं खुद ही रूठना और खुद को मनाना होता है।
जिस जगह तुमने रखा था कदम बाग़ फूलों भरा अब वहाँ हो गया जिस जगह तुमने रखा था कदम बाग़ फूलों भरा अब वहाँ हो गया
तेज से मैं बन ज्वाला हर तेरे बंधन दग्ध करुँगी। तेज से मैं बन ज्वाला हर तेरे बंधन दग्ध करुँगी।
मेरे तकिये -चादर का एक गीत सुनाता हूँ जब भी ऐतराज़ की रौशनी में तुझे भूलने के करीब हो... मेरे तकिये -चादर का एक गीत सुनाता हूँ जब भी ऐतराज़ की रौशनी में तुझे...
क्योंकि चार बेटों की माँ है चार बहू दस नाती हैं। क्योंकि चार बेटों की माँ है चार बहू दस नाती हैं।