फ़िर भी मैं पराई हूँ
फ़िर भी मैं पराई हूँ
जन्म से लेकर जवानी तक
मैं पुरुष की तुलना में आई हूँ
मैं खुद को जितना साबित करूँ
मैं फ़िर भी पराई हूँ
बिन शर्तो के ब्याही गई
अपना घर छोड़कर
अंजान घर बसाई गई
मोल-भाव तौलकर
घर लौटकर भी
जितना तुम्हे संवारु
फ़िर भी मै पराई हूँ
ससुराल हो या मायका
कहने को सब अपने है
बात मेरी आती है तो
मैं पराई हूँ
सभी के सपने सपने है
मेरे सपने, सपने नही
सबका ख्याल मेरी जिम्मेदारी
फ़िर भी मैं पराई हूँ
कभी बेटी बनकर
कभी पत्नी तो कभी
माँ बनकर, सबको अपना माना
फ़िर भी मैं पराई हूँ
जवानी छोड़ बुढापा आया
फिक्र का मुझे है अन्दाजा
बच्चे मन के सच्चे
बच्चो को जितना मिलता प्यार
मेरे लिये आधा भी नहीं रह जाता
हर बात पर टोका-टाकी
फ़िर भी मैं पराई हूँ
जैसा तुम कहते हो
वैसा मैं करती हूँ
फ़िर भी मैं पराई हूँ
जैसा तुम कहते हो
वैसा मैं करती हूँ
फ़िर भी मैं पराई हूँ
फ़िर भी मैं पराई हूँ।
