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Pratham Raj Wadhwa

Abstract Classics Fantasy

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Pratham Raj Wadhwa

Abstract Classics Fantasy

एकांत

एकांत

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कांति एकांत की,

सुमृदुल वेदांत की


काक्षीये परिभ्रमण से दूर,

अवचेत अद्वैतवाद की।


पारित्यागिक कृत्रिम विलोभनो की,

बहिष्कृत कृष्ट भाँवरों की


आसमंजस्य की बेड़ियों से दूर,

निष्पत्ति अमर सुरपान की।


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