STORYMIRROR

Maitreyee Kamila

Classics

4  

Maitreyee Kamila

Classics

एक उमीद

एक उमीद

1 min
232

आज फिर सूरज आया

एक उमीद के किरण लिए

कल का अंधी तूफान के बाद

हा हा कारमय जीवन

धराशायी पेड़ के नीचे जमीन


बादल से भरा आसमान

हरतरफ पानी पानी

खेत, जमीन, गांव

गांव का घर

गांव से सड़क के ओर कच्चा रस्ता

सब पानी से अस्तब्यस्त


घर के इतर प्राणी

गाय, बेल, बिल्ली

सब को सहारा चाहिये


फिर भी सूरज का 

एक किरण

एक आशालिये

जिंदगी को आगे बढ़ना सिखाती

फिर से लढ़े


फिर मिट्टी से उमीद ढूढेंगे

उजड़ा हुआ खेत 

चाल के ऊपर हिस्सा

टूटे हुए कच्चे दीवार

एक आस लिये जोड़ेंगे

एक आस लिये जोड़ेंगे।


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Classics