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Maitreyee Kamila

Classics

4  

Maitreyee Kamila

Classics

एक उमीद

एक उमीद

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आज फिर सूरज आया

एक उमीद के किरण लिए

कल का अंधी तूफान के बाद

हा हा कारमय जीवन

धराशायी पेड़ के नीचे जमीन


बादल से भरा आसमान

हरतरफ पानी पानी

खेत, जमीन, गांव

गांव का घर

गांव से सड़क के ओर कच्चा रस्ता

सब पानी से अस्तब्यस्त


घर के इतर प्राणी

गाय, बेल, बिल्ली

सब को सहारा चाहिये


फिर भी सूरज का 

एक किरण

एक आशालिये

जिंदगी को आगे बढ़ना सिखाती

फिर से लढ़े


फिर मिट्टी से उमीद ढूढेंगे

उजड़ा हुआ खेत 

चाल के ऊपर हिस्सा

टूटे हुए कच्चे दीवार

एक आस लिये जोड़ेंगे

एक आस लिये जोड़ेंगे।


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