एक पेड़
एक पेड़
एक पेड़
कितना आसान होता है एक पेड़ को काटना
दो धार कुल्हाड़ी की उस पर जोर से मारना
पर क्या वाकई ये इतना आसान है?
एक पेड़ ..
जो अपनी पूरी उम्र माटी से बंधकर रहता है
जो ताउम्र सूरज की धूप, हवा और पानी को संजोता है
जो हमेशा खुश दिखता है
चाहे मन कितना ही दुखी हो
चेहरे पर एक मुस्कान रखता है
जो ताउम्र के रिश्ते अपने संग बांधता है
जो अपनी सारी भावनाओ और एहसासों को जीता है।
जब कुल्हाड़ी का प्रहार उस पर होता है
वो तना उसका खून से लथपथ होता है
लाल तना बिन आसूं के रो लेता है
जब कुल्हाड़ी उसकी जड़ को छूती है
वो जड़ उसकी मिटी की देह को लिपटती है
जब कुल्हाड़ी का प्रहार करती है
पेड़ सर से पांव तक दर्द में कराह जाता है।
कितना मुश्किल होता है उस पेड़ के लिए
अपनी मौत को यूं गले लगा लेना
कुल्हाड़ी की चोटों को यूं रमा लेना
फिर भी वो मुस्काता है
क्योंकि वो जानता है
तीन चीज़ें हमेशा उसके संग है
सूरज की धूप,हवा और ये पानी।
पर क्या वाकई एक पेड़ को काटना इतना आसान है??
