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Gayatri Singh

Drama

4  

Gayatri Singh

Drama

एक बुरा ख्वाब

एक बुरा ख्वाब

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हम सभी चाहते हैं सदा सुहाने ही सपने,

दुखों से दुखी हैं जबकि वो भी हैं अपने।

दुखों से न घबराएं हम में हैं ऐसे वीर कितने ?

सुखों में न इतराएं कल देखा किसने ?


न घबराएं-न ही इतराएं जो भी हो हाल, 

सुख-दुख में सम रहें करें न कोई मलाल।

भरोसा करें अपने परिश्रम-कर्म पर,

नियोजित ढंग से काम करते रहें मानें न डर।


इच्छा शक्ति प्रबल रखें और मेहनत से काम करें

भाग्य के सहारे रहकर, न खुद को बदनाम करें।

सदा कर्मयोगी बनें, जलाते रहें कर्म की मशाल

सफलता अभिषेक करेगी, लेकर पूजा का थाल।


सोते हुए जो सपने देखें, वे नहीं सच्चे ख्वाब

सपने तो हैं वे ही सच्चे, खत्म करेंनींद जो ज़नाब।

रह के सजग गीत गाएं, और छेड़ें  नए राग

पेश करें मिसाल ऐसी, जो सोते जाएं जाग।


काम  सदा करें ऐसे, जिनसे सब सुख  पाएं

सभी लोग प्यार के ही,मिलकर गीत गुनगनाएं।

बाँटोगे जो खुशियाँ सबको, तो मिलेगा सबाब

दूजे का जो दिल दुखाए,  वह है बुरा ख्वाब।


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