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Bhoop Singh Bharti

Drama

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Bhoop Singh Bharti

Drama

एक और एक ग्यारा

एक और एक ग्यारा

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आपस म्ह हो एकता, खूब जमै फिर रंग

मरणा जीणा देखलो, इक दूजे के संग।


इक दूजे के संग, ढंग ये होवै न्यारा

लगै अनोखा देख, एक और एक ग्यारह।


कहै 'भारती' फेर, कोनी रहै अनेकता

जब एक और एक, हो ग्यारह सी एकता।


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