STORYMIRROR

Archna Goyal

Tragedy

2  

Archna Goyal

Tragedy

दया

दया

1 min
330

किसी भी जीवों पर दया नहीं

देखो थोड़ी भी इनको हया नहीं


कभी डरते नहीं उस भगवान से

रोज का काम है कोई नया नहीं


झेल जाते दीन हीन लाचार सभी

कभी भी करते किसी से बयां नहीं।


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Tragedy