STORYMIRROR

Anuj Bhandari

Fantasy Inspirational

4  

Anuj Bhandari

Fantasy Inspirational

दूसरी दुनिया में

दूसरी दुनिया में

1 min
231

घर का दरवाजा आज रुठा सा था,

मेरे आने की आहट तो सुनी थी,

मगर आज चुप सा था।


बचपन की कैद तस्वीरें उन दीवारों में,

मुरझा गए थे फूल उन गमलों में,

शायद मेरे आने का इंतजार था उन्हें,


लेकिन मैं तो व्यस्त था दूसरी दुनिया में।


Rate this content
Log in

Similar hindi poem from Fantasy