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Neetu Tyagi

Abstract

4.5  

Neetu Tyagi

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दो आँखें

दो आँखें

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दो आँखें कुछ तो कहती हैं
 तुम्हारा अतीत
 तुम्हारा गीत
तुम्हारा दर्द
 तुम्हारा संगीत ।
 दो आँखें जो नहीं कहती
 तुम्हारी हँसी 
 तुम्हारी इच्छा
 तुम्हारा उत्साह 
 तुम्हारा एकांत
 दो आँखें जो कह देती काश !
तुम्हारे डर
तुम्हारे ख्वाब
 तुम्हारे ही प्रश्न
 और तुम्हारे जवाब ।


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