वो 180 लड़कियां
वो 180 लड़कियां
वे कभी कभी कक्षा से बाहर
चली जाती थीं घूमने
या फिर किसी प्रिय को खोजने
या वे यूं ही निकाली गई कक्षा से बाहर
कभी किताब,कॉपी,या फिर होमवर्क
पूरा न कर लाने पर
कभी उन्हें डांटा गया
हिजाब ठीक से न पहनने पर
पर आज वो जीवन से निष्कासित
कर दी गई बिना कोई कारण बताए
बिना कोई पूर्व चेतावनी दिए
बिना धर्म,समाज,की दुहाई दिए
पर वो 180 लड़कियां
जंग की जमीन बन गई
उनकी मौत ने हिला दी
दुनिया की नींव
