दम तोड़ती मानवता
दम तोड़ती मानवता
ये फोटो मैंने टीवी पर समाचारों में देखा,
अधिक जानकारी के लिये गूगल टटोला,
वैश्विक पटल पर तो ये चित्र प्रथम आया,
विश्व में चारों तरफ फिर कोहराम मच गया,
इस चित्र में बेहद खौफनाक मंज़र देखा,
मानो मानवता पर कोई खंज़र खोप रहा,
सोमालिया में फोटोग्राफर ने ये फोटो खींचा,
जहाँ मौत की कगार पर एक बच्चा था खड़ा,
त्रासदी ऐसी कि बच्चा भूख से मर रहा था,
दूर खड़ा गिद्ध अपने भोजन को ताक रहा था,
उस एक दिन दो बार शर्मसार हुई मानवता,
पहला भुखमरी इतनी फ़ैली कहाँ से लाये खाना?
दूसरा इंसानियत मरी,जब बच्चे को मरने के छोड़ा,
बच्चा मरे तो मैं खाऊ,गिद्ध इंतज़ार कर रहा था,
हमें जग की हालत देख सबको रोना आ रहा था ।।
पत्रकारों ने फोटोग्राफर से पूछा बच्चे का क्या हुआ!
क्या जवाब दें!फोटोग्राफर आत्मग्लानि से भर गया,
पश्चाताप की ज्वाला में फोटोग्राफर जलने लगा,
उत्तम फोटो के चक्कर में वो भी हत्यारा बन गया,
यदि वो चाहता तो उस बच्चे को बचा सकता था,
थोड़े दिनों बाद पता चला उसने कर ली आत्महत्या।।
