STORYMIRROR

Swaraangi Sane

Drama

2  

Swaraangi Sane

Drama

दक्षिणा

दक्षिणा

1 min
149

अंगूठा माँग लेते दक्षिणा में

तो तीर नहीं उठाना पड़ता

अपनों के सामने।


बींध देते शोर करने वालों के मुँह

आपने हमें अर्जुन बना दिया

हम एकलव्य ही भले थे। 


Rate this content
Log in

Similar hindi poem from Drama