STORYMIRROR

Swaraangi Sane

Drama

2  

Swaraangi Sane

Drama

दक्षिणा

दक्षिणा

1 min
151

अंगूठा माँग लेते दक्षिणा में

तो तीर नहीं उठाना पड़ता

अपनों के सामने।


बींध देते शोर करने वालों के मुँह

आपने हमें अर्जुन बना दिया

हम एकलव्य ही भले थे। 


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Drama