दिल तो एक सागर
दिल तो एक सागर
ये दिल तो एक सागर है,
इसकी गहराई नापना मुश्किल है,
कुछ बाते उसे चुकती,
कुछ आंसू की लहेरो मे बह जाती,
पर ये तो सदा साथ देता है.
ये दिल तो एक सागर है....
कोई इसे सीसे की तरहा सोचता,
और टूटने से बचाने कोशिस करता,
पर ये तो बड़ा नाजुक होता,
छोटीसी झटके से भी तुट जाता,
बड़े बड़े सदमे को सहन कर लेता,
इसे समझना तो बड़ा मुश्किल है,
ये दिल तो एक सागर है...
जब ये तुट जाता, बिखर जाता,
उसे जोड़ने की तो बहुत कोशिस होता,
सागर की लहेरे जैसी आके लौट जाता,
सबको अपनी अपनी सोच लौटा देता,
कुछ ना अपने पास वो रखता,
सिर्फ अपनी धड़कने को संभाल के रखता,
दर्द उसकी आंसुओं की धारा बन जाता है,
ये दिल तो एक सागर है.....
ये समय भी बड़ा ग़जब का खेल खेलता,
जिन्देगी को उसका तस्वीर दिखाता,
बचपन की नादानी हो या जवानी की गाथा,
माँ बाप की प्यार को याद दिलाता,
दोस्तों के साथ बीती खुशियों याद आता,
तो अपनी प्यार की कहानी कैसे भुलाता?
वो तो बीती हुई अतीत को दिखलाता है,
ये दिल तो एक सागर है.....
जैसे नदिया की धारा सागर मे मिलता,
जैसे सारे गन्दगी इसके पानी मे बह जाता,
जैसे समंदर मे छुपी मोतियाँ नहीं दीखता,
जैसे नीले नीले पानी मन मे बस जाता,
जैसे सागर आंधी तूफान से नहीं घबराता,
जब दिल से दिल मिलता, ऐसे ही कुछ होता,
टूटने की कभी सोचा नहीं करता है,
ये दिल तो एक सागर है.....
ये दिल मन की तरहा चंचल नहीं होता,
बार बार अपनी सोच नहीं बदलता रहेता,
हवा की झोका जैसे बाते मन को बदल देता,
फिर कभी कबी कुछ गलतियां कर बैठता,
अपनी धर्म को भी भूल जाता,
कर्म को या समय को कोसता रहेता,
पर ये दिल कभी अपनी धर्म नहीं भूलता है,
ये दिल तो एक सागर है......
कभी कभी ऐसा भी दिन आता,
जब मन अपनी साथ भी छोड़ देता,
जब धन ना जाने कैसे कहाँ चला जाता,
उनकी चलते अपने तन भी ढलने लगता,
जब आँखों मे सिर्फ अंधेरा छा जाता,
जिन्देगी की सफर बड़ा मुश्किलसा लगता,
पर इनसान की सासे चलते रहता,
क्यूँ की दिल उसके साथ देता रहेता है,
ये दिल तो एक सागर है.....
तुट के भी ये दिल कभी नहीं हारता,
कितने भी उसकी टुकड़े हो, नहीं मरता,
ये तो सदा समय के साथ चलता रहेता,
अपने आप को सदा साफ ही रखता,
इसमें भले सचाई की आवाज दब जाता,
पर ये सदा सबको सच ही बोलता,
दिल की सुनो ये तो सच्चा साथी है,
ये दिल तो एक सागर है।
