STORYMIRROR

कवी श्रेयस

Abstract Tragedy Others

4  

कवी श्रेयस

Abstract Tragedy Others

दिल धड़कने का मुझे

दिल धड़कने का मुझे

1 min
426


दिल धड़कने का मुझे सबब याद आया 

वो तेरी याद थी अब याद आया 


बड़ा मुश्किल था खुद को संभलना ऐ मेरे दोस्त 

उस वक्त उस मुसीबत में तू गजब याद आया 


दिन गुजार रहा था बड़ी मुश्किल से 

फिर तेरा वादा ए शब याद आया 


तूने भुला दिया था जो पैगाम ए वफा 

ज़िन्दगी की आखरी आस ए पैमान याद आया  


कई लोक नजर से गुजरे थे 

फ़िर मेरे आखरी समय में याद आया 


हाल ए दिल हम भी सुनाते लेकिन

जब ओ मुझसे रूठा तब याद आया 


हम बहुत रोए वो जब याद आया 

लेकिन तब दिल मेरा टूट के बिखर चुका था 



विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Abstract