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Lokeshwari Kashyap

Action Inspirational

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Lokeshwari Kashyap

Action Inspirational

धन

धन

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जन्म देती है सारे मोह को,

यह माया बड़ी मायावी है भैया l

मुन्ना हो चाहे वो हो मुनिया,

धन के पीछे भाग रही दुनियाl


भूल कर के सारे सत्कर्म मानव,

 जकड़ा हुआ है लालच के फेर में भैयाl

 धन के चकाचौंध में गुम हो रहा,

 गांव का भोला मानस और सहरिया l


यही कि माया यह यहीं रह जाएगी,

 साथ किसी के यह ना जाएगा भैयाl

 कमाते -कमाते धन और दौलत,

 निकली जा रही है सबकी उमरिया l


राम नाम लेने की सब सुधी,

 भूल बैठे बाप हो चाहे हो मैया l

 नाच नचाए चौंसठ यह सब को,

 नाचे दुनिया सारी बनकर बंदरियाl


जप ले तू प्रभु का नाम,

कर ले तू नेक काम भैया l

माया की गठरी छूटेगी यहीं,

जोड़ तू सत्कर्मों की पोटलियाँ l


धन की सद्गति होती तभी,

 नेकी के काम आए जब यह भैया l

 इसका करें सदुपयोग हम,

 पकड़ कर सेवा धर्म की डगरियाl



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