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मानव नेकी अपनेपन की सुरभि खुशी मिलेगी यहीं सगरो बदरवा अश्क पोंछें किसी आंख से खुश रहने की हसरत लालच चमन में सुमन खुशी के किस तरह बितावैं बाप धर्म प्यार तो होती है चाहत अपनी उमरिया बांटें-बांटे खुशी माया हिंदी कविता बरसला सुधी

Hindi उमरिया Poems