देश हुआ है आज़ाद कहाँ
देश हुआ है आज़ाद कहाँ
देश हुआ है आज़ाद कहाँ
भारत माँ है स्वंतंत्र कहाँ
जाति धर्म का होता रोज विवाद यहाँ
कश्मीर हो या पंजाब...
आतंकवाद का होता हर पल प्रहार यहाँ
बच्चे बूढ़े, नर नारी..से लेकर मूक प्राणी
सब हो जाते शिकार यहाँ
डर का जब तक रहेगा ये आलम यहाँ
देश कहलाएगा आज़ाद कहाँ
भ्रष्टाचार की है मार यहाँ
सरकारी ख़ज़ाने का हो रहा दुरूपयोग यहाँ
कहीं है गरीबी, भुखमरी
तो कहीं है नेताओं की जेब भरी
बेरोज़गारी से पीड़ित युवा पीढ़ी यहाँ
डिग्री लेकर भटक रहे
और सिफारिश पर पदानवित है लोग यहाँ
प्रश्न है कैसे होगा विकाश यहाँ
नारी का होता है आज भी शोषण और अपमान यहाँ
बलात्कार, कन्या भ्रूण हत्या, दहेज़ प्रथा
जैसी समस्या लेगी जब तक साँस यहाँ
भारत माँ घुटेगी तब तक यहाँ
देश हुआ है आज़ाद कहाँ !
