देरी
देरी
बस ...एक मिनट की थी देरी।
जिंदगी इस कदर पलट गई मेरी।
वक्त ने भी की थी हेराफेरी।
समझ मेरी ने ही लगा दी देरी।।
बस ...एक मिनट की थी देरी।
कुछ तो की होती फिक्र तूने मेरी।
बरबादी इस कदर रास्तों पर ना होती मेरी।
जिंदगी ने मझदार में ऐसी घेरी।
रब भी मौत को दे गया हल्लाशेरी।
बस.....एक मिनट की थी देरी।
जिंदगी इस कदर पलट गई मेरी।
जिंदगी के झूठ, सच्चाई बदल गई मेरी।
विश्वास टूटे ...खुशियों ने आंखें फेरी।
जिंदगी इस कदर पलट गई मेरी।
बस.....एक मिनट की थी देरी।
कोसता रहा.. कैसे हो गई इतनी देरी।
क्यों बचा नहीं पाया मैं ही जिंदगी मेरी।
