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V. Aaradhyaa

Inspirational

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V. Aaradhyaa

Inspirational

दावत का हो इंतज़ाम

दावत का हो इंतज़ाम

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कहीं जब भी अतिथि बनने का निमंत्रण हो,

तो खुद भी थोड़ा अच्छा व्यवहार रखा करो!


तब कोई कमी ना करेंगे मेज़बान स्वागत का,

होगा इंतज़ाम अतिथि के भरपूर दावत का!


इंसान तो मान व सम्मान का भूखा होता है,

वैसे स्वादिष्ट भोजन तो हर एक घर में बनता है!


अतिथि का जब होता है पूरा मान और सम्मान,

तभी तो पूर्णतः खुश हो पाता है कोई यजमान!


भोजन के साथ मधुर व्यवहार भी जरूरी है ,

इसी के अभाव में आज दिलों में इतनी दूरी है!


आपस में अगर प्रेम भाव से मिल कर रहा जाए,

जब किसी का मन भावना से खाली ना रह जाए!


इंसान के मन की पूरी बात अगर इंसान समझ जाए

तो खानपान पेट के साथ मन की भूख भी मिटा जाए!


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