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Mayank Kumar

Drama

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Mayank Kumar

Drama

चलो चले उस अंधियारे में

चलो चले उस अंधियारे में

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दुनियादारी को ताक पर रख

चलो चले उस अंधियारे में,


जहां छोड़ा था ख़्वाब पुराना

चलो चले उस पथ पर फिर से,


जहां खोया था चांद पुराना

देखे भी अब कैसा है वह


जो खोया था एक पल में ही,

सब बंधन को छोड़ अकेले


निकल गया था आधे मन से,

अब चलो उसकी खोज करें हम


खुद पर फिर से गौर करें हम।


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