Mayank Kumar
Comedy Drama Tragedy
तू कहीं खो गयी हैं
किसी बीते पहर में
सो गई हैं अगर
तो जाग जा अभी
कहीं तेरा दोस्त
खो न जाएं कहीं
भाग के आ जा घर
कहीं साँझ न हो जाए
दोस्ती को रख बरक़रार
कर करार की लौट आऊँगी
दोस्त अब ना कहीं खो जाऊंगी।
तुम एक कलम सी...
उस चाँद का भी...
कुछ खिला चंदा...
पहरेदार
आधी रोटी
मैं भीग रहा ह...
तू कहीं खो गय...
कुछ बातों को ...
मैं तेरे लिए ...
मेरे अंदर वह ...
हमारा परममित्र, नाम उसका रामभाया हमारे घर आया । हमारा परममित्र, नाम उसका रामभाया हमारे घर आया ।
और फिर इक बार लगा ये उम्र बड़ा बेदर्दी है, इस की गिनती हर उम्र में देती तकलीफ है। और फिर इक बार लगा ये उम्र बड़ा बेदर्दी है, इस की गिनती हर उम्र में देती तकलीफ ...
केक टॉपिंग की स्वीट सी चेरी हूं, ओ बहना, मैं 'टेढ़ी हूं पर तेरी हूं' केक टॉपिंग की स्वीट सी चेरी हूं, ओ बहना, मैं 'टेढ़ी हूं पर तेरी हूं'
हाउस वाइफ: 24 घंटे की नौकरी, नही जनाब निभाती है जिम्मेदारी। हाउस वाइफ: 24 घंटे की नौकरी, नही जनाब निभाती है जिम्मेदारी।
क्या लिखूं दीवाली पर महंगाई की गाली पर जलती हुई पराली पर। क्या लिखूं दीवाली पर महंगाई की गाली पर जलती हुई पराली पर।
अब आपके हाथों में है सनम हमें यार समझो या प्यार अब आपके हाथों में है सनम हमें यार समझो या प्यार
अब तक थे आजाद पक्षी, उड़ते थे उन्मुक्त गगन में। अब तक थे आजाद पक्षी, उड़ते थे उन्मुक्त गगन में।
जाने कैसे वाकिफ़ हो गया तमाम शहर...!! जाने कैसे वाकिफ़ हो गया तमाम शहर...!!
अकेला सफर था यह पहला सफर, शायर और नेता के साथ का सफर, अकेला सफर यह पहला सफर। अकेला सफर था यह पहला सफर, शायर और नेता के साथ का सफर, अकेला सफर यह पहला सफर।
उम्र हो गयी, पचास पार सुख से चल रहा, "शांति "के साथ घरबार। उम्र हो गयी, पचास पार सुख से चल रहा, "शांति "के साथ घरबार।
करोना घर घर ना फैल पाएगा। अल्पायू का आशीर्वाद लेकर, देखो यह फिर न कभी अपना जन्मदि करोना घर घर ना फैल पाएगा। अल्पायू का आशीर्वाद लेकर, देखो यह फिर न कभी ...
को खूब गालियां देना, ये होते थे कॉलेज के दिन। को खूब गालियां देना, ये होते थे कॉलेज के दिन।
आज फिर बेसकूनी और गम ऐ दिल है बहुत ज्यादा आ गया बिजली का बिल है। आज फिर बेसकूनी और गम ऐ दिल है बहुत ज्यादा आ गया बिजली का बिल है।
छोड़े, लड़ाई, झगड़े, खाये-खिलाये पकौड़ी मिटाये, भेद-भाव, वैमनस्य की यह डोरी छोड़े, लड़ाई, झगड़े, खाये-खिलाये पकौड़ी मिटाये, भेद-भाव, वैमनस्य की यह डोरी
पुलिस से ज्यादा खौफ बीवी का होता है संभल के रहना, हर घर में जासूस होता है। पुलिस से ज्यादा खौफ बीवी का होता है संभल के रहना, हर घर में जासूस होता है।
आ जा मेरे पास वो बोली चल हट बदमाश आ जा मेरे पास वो बोली चल हट बदमाश
आँखें मींचेंल गता है किसी चाय वाले ने ये रायता फलाया है फिर तो ये Fridge ज़रूर Nehru आँखें मींचेंल गता है किसी चाय वाले ने ये रायता फलाया है फिर तो ये Fridge ज़र...
ईर्ष्या के लक्षण आप में तनिक भी दिखते ही नहीं, ईर्ष्या के लक्षण आप में तनिक भी दिखते ही नहीं,
अकेले आने को फ़रमाया, वो बहुत खुश, चांद सितारों पर मन, अकेले आने को फ़रमाया, वो बहुत खुश, चांद सितारों पर मन,
पंगा न लेने की आपकी इच्छा, आप सही रास्ते पर हैं। पंगा न लेने की आपकी इच्छा, आप सही रास्ते पर हैं।