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Shoumik De

Abstract Comedy

4  

Shoumik De

Abstract Comedy

मेरा फ्लेग

मेरा फ्लेग

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TV में नये Fridge का विज्ञापन देखा

juice का jug, ताजे फालों का झुंड देखा

बड़ी बड़ी सुंदर सी ताज़ा सब्ज़ियाँ रखी थी

जैसे शादी में सजी संवरी दुल्हन की सखी थी


एक गोल मटोल सा इतराता हुआ pudding का plate था

और six-pack वाला beer का एक crate था 

वो देख के मेरा मन ललचाया

मैंने तुरंत लपका और अपना fridge खोला - तो क्या पाया


तीन अलग अलग कटोरियों में गुथे आटें

4 बासी रोटियाँ जिन्होंने यहीं काटी थी काफ़ी रातें

एक धनिया पत्ती का गुच्छा पड़ा था मुँह लटकाए

मक्खन और jam के बीच सूखी ककड़ी और एक आधा कटा नींबू


घुस आए थे ज़बरदस्ती, जैसे मेहमान हों बिन बुलाए

side shelf में ढेर सारे मसालों के डब्बे खड़े थे मुह खोले

इस आस में - के उनके भी अच्छे दिन आएँगे

अब तो ये दिवाली की सफ़ाई में ही मुक्ति पाएँगे 


ऊपर की shelf में बैठे थे कुछ लावारिस अंडे

और कुछ ख़ाली chocolate के wrapper जो पड़ गए थे

ठंडे वहीं कोने में बैठा था Glucon D का डब्बा ख़ाली आधा

उसको खुद Glucon D पीने की ज़रूरत थी ज़ायद 


पीछे टटोला तो दिखे कुछ बेरोज़गार बर्तन

किसी को नहीं पता क्यूँ पड़े थे वो जबरनअंदर की दीवारों पर मिले हैं

कुछ चटपटे छींटे दही और बूंदी का उल्टा हुआ बर्तन शर्मिंदा था

आँखें मींचेंल गता है किसी चाय वाले ने ये रायता फलाया है 

फिर तो ये Fridge ज़रूर Nehru ने बनाया है।


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