STORYMIRROR

Neha anahita Srivastava

Romance Fantasy

4  

Neha anahita Srivastava

Romance Fantasy

चले आना तुम

चले आना तुम

1 min
242

अँधेरों में जो दिखे बेइन्तेहा रोशनी कहीं,

समझ लेना इश्क़ की वादियाँ हैं वहीं,

चुपचाप उस ओर चले आना तुम,

इश्क़ की वादियों में,


चले आना तुम

रूह मेरी जब जिस्म से जुदा हो जायेगी,

मेरी परछाईं भी नही कहीं नज़र आयेगी,

आवाज़ देना मुझे,

मैं तुम्हें मिलने आ जाऊँगी,


मेरी ख़्वाहिशों की वो नीली वादियाँ,

जलते-बुझते जुगनू होंगे वहाँ बेशुमार,

थाम कर हौले से रोशनी का हाथ,

चले आना तुम,

पुकारना मुझे,

देना मुझे हौले से ,एक आवाज़


तोड़ कर सारे कफ़स,

मैं चली आऊँगी,

हाँ,मैं चली आऊँगी।


Rate this content
Log in

Similar hindi poem from Romance