STORYMIRROR

bhavi tiwari

Romance

4  

bhavi tiwari

Romance

सुनो ना इश्क है तुमसे

सुनो ना इश्क है तुमसे

1 min
356


सुनो ना किस कदर इश्क है तुमसे

ये तुम्हे समझा नही सकते हम


कोई सबूत नहीं जो तुम्हे दिखा सके

दिल चीर के दिखला नही सकते हम


गर तुम हमारे होते तो खुद ही जान जाते

हरपल ये एहसास तुम्हे करवा नही सकते हम


हमारे इश्क पे बस हमारा हक है

तुम पर हक जता नही सकते हम


बड़े बेमतलब हो ये कहते हो

अपना मतलब तुम्हे बना नही सकते।



Rate this content
Log in

Similar hindi poem from Romance