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bhavi tiwari

Romance

4  

bhavi tiwari

Romance

दिलबर बनाओ ना

दिलबर बनाओ ना

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मैं नदियां तुम सागर बन जाओ ना

मैं राही बनूं तुम मेरी मंजिल कहलाओ ना 


मेरे हर शब्द का तुम अर्थ तुम समझाओ ना 

तुम बिन ये जिंदगानी व्यर्थ समझ जाओ ना 


सोई नहीं कई रातों से मेरी नींद बन जाओ ना

मेरा जीवन एक मुखड़ा तुम अंतरा लिख जाओ ना


मैं अकेली भटक ना जाऊं तुम साथ निभाओ ना

रह सकूं न तुम बिन एक पल मुझे दिलबर बनाओ ना। 



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