छोटी मुलाकात लेकिन बड़ा असर
छोटी मुलाकात लेकिन बड़ा असर
जब पहली बार उससे मिली थी
धड़कनें काफी हद तक बढ़ रही थी
ऊपर से तो मैं खामोश थी लेकिन
अंदर ही अंदर बहुत कुछ कह रही थी
बस कुछ मिनटों की वह मुलाकात
हां, आज भी याद है मुझे
उसका मुझे एक टक ताकतें रहना
सच! आज भी याद है मुझे
दूसरी बार हम फिर मिले थे पर
कुछ ही वक्त की मुलाकात थी वो
उसका हाथ भी मेरे हाथ में था
पूछो मत बड़ी हसीन रात थीं वो
बस यूं लगता था कि ये वक्त
जिंदगी भर के लिए थम जाए
यूं ही आज की तरह हम
एक दूजे के दिल में रह जाएं
फिर आखरी मुलाकात आई हमारी
वक्त काफी था पर कुछ बात ना हुई
अंदर तक खामोशी ने निचोड़ रखा था
तब से आज तक कोई बात ना हुई
बहुत आते हैं बहुत जाते हैं लेकिन
जिंदगी अक्सर यही बताती हैं कि
कभी-कभी छोटी सी मुलाकात भी
बहुत बड़ा असर छोड़ जाती हैं.

