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PRATAP CHAUHAN

Fantasy

4  

PRATAP CHAUHAN

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छमछम

छमछम

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छमछम छमछम पाय़ल बोले,

खनख़न बोले कंगना

ठुमक ठुमक कर नाच रही है

झूम रहा है अंगना

घुंघरू बोले छन न न न न न न,

लगा झांकने बलमा

पैजनिया की धुनि पर अब तो,

बेसुध नाचे सलमा

छमछम छमछम पाय़ल बोले,

कोयल कूके वन में

टिप टिप टिप टिप मेघा बरसे,

उठे बुलबुला जल में

पुरवइया करे सन न न न न न न,

अंगड़ाई ले सजनियां

बागों में झूला झूलें सब,

बिन ब्याही नव सखियां।


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