Dr. Priya Kanaujia
Tragedy Classics Crime
वो कहते हैं हम बदल नही पायेंगे तुम्हारे लिए प्यार में
उनको याद ही नहीं बदल दिया हमें उनके इजहार ने,
हमने चाहा ही नहीं कभी वो बदले खुद को हमारे लिए
हम मर मिटे सच्चे इश्क की तलाश में अब कैसे जिएं।
छल
कलयुगी प्यार
राह
ज़िद
मेरा मीत
वहम
अनकही
कड़वाहट
उलझन
मैं
अन्नाजी में आ गई, फिर थोड़ी-सी जान, क्या अनशन को भी भला, सुन लेगा सुल्तान ?१ अन्नाजी में आ गई, फिर थोड़ी-सी जान, क्या अनशन को भी भला, सुन लेगा सुल्तान ?१
ताउम्र अपनों की दी हुई ये नेमत है, जीने के लिए इतना दर्द कोई कम तो नहीं। ताउम्र अपनों की दी हुई ये नेमत है, जीने के लिए इतना दर्द कोई कम तो नहीं।
बेटों की चाहत में गिर जाते हैं इस कदर लोग, कई बार करवा देते हैं, गर्भ में ही "संहार", बेटों की चाहत में गिर जाते हैं इस कदर लोग, कई बार करवा देते हैं, गर्भ में ही...
सुनो! तुम एक वृक्ष हो सकते हो, फिर थोड़ी देर के लिए अपनी जड़ों के मध्य विश्राम क सुनो! तुम एक वृक्ष हो सकते हो, फिर थोड़ी देर के लिए अपनी जड़ों के मध्य...
आंखों से बहते आंसू में भी उसको मुस्काना है बहानों के आंचल में हर दर्द भी उसे छुपाना है आंखों से बहते आंसू में भी उसको मुस्काना है बहानों के आंचल में हर दर्द भी उसे ...
पूर्णिमा के चमकते चाँद को वो अमावस मे ढूँढने जाते हैं। पूर्णिमा के चमकते चाँद को वो अमावस मे ढूँढने जाते हैं।
बसी तुम्हारे चरण में, गंगा एक महान , जो जो शरणागत हुआ, शुद्ध हुआ सुल्तान ।२ बसी तुम्हारे चरण में, गंगा एक महान , जो जो शरणागत हुआ, शुद्ध हुआ सुल्तान ।२
वेदना का घूँट पींती क्या मिले सबकुछ गँवाकर। वेदना का घूँट पींती क्या मिले सबकुछ गँवाकर।
मंडी में बिकने लगें, स्त्री-पुरुष जवान पूंजी पर बैठा यही, चाह रहा सुल्तान । मंडी में बिकने लगें, स्त्री-पुरुष जवान पूंजी पर बैठा यही, चाह रहा सुल्तान ।
जहां था पहले उन्मुक्त जीवन वहां हमने इंसान बसाया! जहां था पहले उन्मुक्त जीवन वहां हमने इंसान बसाया!
अहा! बिल्कुल जैसे सपनों में सजाया था स्वर्ण की चमक जिसपर सौंदर्य आभा था अहा! बिल्कुल जैसे सपनों में सजाया था स्वर्ण की चमक जिसपर सौंदर्य आभा था
हम पढेंगें तो, नेताओं की नेतागिरी कैसे चलेगी। हम पढेंगें तो, नेताओं की नेतागिरी कैसे चलेगी।
बिक जाएंगे आपके, खेती और मकान, अनुभव से सम्पन्न यदि, मिल जाए सुल्तान ।२ बिक जाएंगे आपके, खेती और मकान, अनुभव से सम्पन्न यदि, मिल जाए सुल्तान ।२
फिर भी वो.. शीतलहर की चिर निद्रा में सो गया। फिर भी वो.. शीतलहर की चिर निद्रा में सो गया।
चेहरे पर दिखते धब्बों का उपाय खोजता जाता आत्मा पर लगे विकारों के वो दाग देख ना पाता चेहरे पर दिखते धब्बों का उपाय खोजता जाता आत्मा पर लगे विकारों के वो दाग देख न...
देते हैं फरमान यही सब राजा हो या रानी । तज खेती कर ले मजदूरी, छोड़ अरे नादानी ! देते हैं फरमान यही सब राजा हो या रानी । तज खेती कर ले मजदूरी, छोड़ अरे नाद...
अक्सर मेरा दिल यादों के साये में, तेरी बाहों को तड़पने लगता है। अक्सर मेरा दिल यादों के साये में, तेरी बाहों को तड़पने लगता है।
वरना तेरी यादें नज्म लिखती रहेगी, नब्ज घटती मेरी सांसें टूटती रहेगी। वरना तेरी यादें नज्म लिखती रहेगी, नब्ज घटती मेरी सांसें टूटती रहेगी।
उनकी आवाज बनो अगर जमीर जिन्दा हो तो ! उनकी आवाज बनो अगर जमीर जिन्दा हो तो !
अधखिले फूल इन्हें मत तोड़ो उड़ने दो आसमाँ में मत रोको! अधखिले फूल इन्हें मत तोड़ो उड़ने दो आसमाँ में मत रोको!