STORYMIRROR

Dr. Priya Kanaujia

Others

4  

Dr. Priya Kanaujia

Others

कलयुगी प्यार

कलयुगी प्यार

1 min
410

सोच समझकर बन रहे हैं प्यार के जो रिश्ते आजकल    

कोई देखता है सूरत तो कोई देखता है पैसों का लालच,  

टिकते नही हैं वो रिश्ते जिनकी नींव में लगी हो

दीमक सिर्फ एक की ही कुर्बानी से नही होती प्यार की चमक,  

कोई रातभर जाग के रोता है प्यार के बोल की आस में

चैन से सोता है कोई करके झूठे वादे एक मुलाकात के।



Rate this content
Log in