STORYMIRROR

Arjun Jain

Tragedy

3  

Arjun Jain

Tragedy

बयां कर आया हूँ

बयां कर आया हूँ

1 min
470

तेरी यादों को लफ्ज़ों में 

मैं बयां कर आया हूँ,


इस अधूरे किस्से में 

मैं तेरा हिस्सा बयां

कर आया हूँ,


बेइंतहा मोहब्बत फिर 

क्यों है कहानी अधूरी सी,

अपनी किस्मत पे

सवाल उठा आया हूँ,


तेरी यादों को लफ्ज़ों में 

मैं बयां कर आया हूँ...


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Tragedy