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Hoshiar Singh Yadav Writer

Classics

4  

Hoshiar Singh Yadav Writer

Classics

बुजुर्ग सम्मान

बुजुर्ग सम्मान

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बुजुर्ग होते देव समान,

सदा करो इनकी सेवा,

इनकी सेवा का फल,

मिलेगी जीवन में मेवा।


बीत गया एक जमाना,

बुजुर्ग लगते थे प्यारे,

आज बुरा वक्त आया,

दिल से उतारे हैं सारे,


ये वो हीरे मोती होते,

पहन लो इनके हार,

सेवा करो खूब इनकी,

जमकर दो इन्हें प्यार


आएंगे नहीं ये दोबारा,

सोच आज इसी वक्त,

समय बीता पछताएगा,

नसों में है इनका रक्त।


नमन आज बुजुर्गों को,

जिनकी छाया सुहाती,

ये वो पवन के झोंके,

चले तो लगे मदमाती।


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