STORYMIRROR

Divyanjli Verma

Inspirational

3  

Divyanjli Verma

Inspirational

बसंत ऋतु अब आने को है

बसंत ऋतु अब आने को है

1 min
146

धूप भी अब गरम गरम सी है,

घास भी कुछ नरम नरम सी है।

ओस की बूंदें चमक रही है।

स्वागत करने को दमक रही है।

ठण्डी अब जाने को है।

बसंत ऋतु अब आने को है।

आओ आओ तुम भी आओ।

साथ में पूजा की थाली भी लाओ।

करेंगे आज सरस्वती वंदना।

पीली साड़ी पहनो तुम ना।

हंस वाहिनी अब वर दो ना।

सृष्टि सारी संगीतमय कर दो ना। 

देखो कलियाँ भी गा रही है। 

किसलय संगीत सुना रही है।

कोयल की मधुर आवाज अब।

आमों में मिस्री घोल रही है।



Rate this content
Log in

Similar hindi poem from Inspirational