बसंत ऋतु अब आने को है
बसंत ऋतु अब आने को है
धूप भी अब गरम गरम सी है,
घास भी कुछ नरम नरम सी है।
ओस की बूंदें चमक रही है।
स्वागत करने को दमक रही है।
ठण्डी अब जाने को है।
बसंत ऋतु अब आने को है।
आओ आओ तुम भी आओ।
साथ में पूजा की थाली भी लाओ।
करेंगे आज सरस्वती वंदना।
पीली साड़ी पहनो तुम ना।
हंस वाहिनी अब वर दो ना।
सृष्टि सारी संगीतमय कर दो ना।
देखो कलियाँ भी गा रही है।
किसलय संगीत सुना रही है।
कोयल की मधुर आवाज अब।
आमों में मिस्री घोल रही है।
