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Divyanjli Verma

Romance

4  

Divyanjli Verma

Romance

मेरी जान हो तुम..l

मेरी जान हो तुम..l

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मेरी बेरंग जिंदगी में रंगीन शाम से हो तुम,

सुबह की पहली किरण रात का चमकता चांद हो तुम,

बारिश के बाद जो निकलता है सतरंगी धनुष,

मेरी जिंदगी के वही सारे रंग हो तुम,

मेरे दिल की धड़कन मेरी मुस्कान हो तुम,

मेरे जीने की वजह मेरी जान हो तुम ,

मेरी शेरो शायरी में डाल दे जान वो हो तुम,

मेरी बेरंग जिंदगी में रंगीन शाम हो तुम,

नफरत की इस दुनिया में प्यार का पैगाम हो तुम,

जिसकी यादों में ठंडी हो जाती है मेरी रोटी,

वही हसीन याद हो तुम,

मेरी बेरंग जिंदगी में रंगीन शाम हो तुम,

अपनी सहेलियों से करते है जिसका जिक्र,

जिसके बारे में सोचते ही शरम सी आ जाती है,

जिसकी यादे रहती है हरपल साथ,

सपनो में जिसकी महक जगा जाती है,

वही सबसे हसीन ख्वाब हो तुम,

मेरी बेरंग जिंदगी में रंगीन शाम हो तुम।


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