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Rajit ram Ranjan

Romance

3  

Rajit ram Ranjan

Romance

बस याद आती हैं..!

बस याद आती हैं..!

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200

नींद भी नहीं आती.... 

करार भी नहीं आता.... 

चैन भी नहीं आती.... 

प्यार भी नहीं आता.... 

बस याद आती हैं....!


उसका रूठकर चले जाना.... 

दिल का यूँ धड़क जाना.... 

बिन तेरे तनहा एकपल भी रह पाना.... 

छुप-छुपके मिलेंगे तो क्या कहेगा जमाना.... 

मेरी जानेमन जानेजाना.... 

ये आँखें आंशुओ को क्यूँ नहीं रोक पाती हैं.... 

नींद भी नहीं आती.... 

करार भी नहीं आता.... 

चैन भी नहीं आती.... 

प्यार भी नहीं आता.... 

बस याद आती हैं....!


टुटा हूँ पर इरादे बदले नहीं.... 

ये मंज़िल के रास्ते ना जाने ले जायेंगे कहीं..... 

बस चलते रहना,हारना भी तो ख़ुद से.... 

दूसरों से हारने कि शर्म,

हमेशा दिल को जलाती हैं.... 

नींद भी नहीं आती.... 

करार भी नहीं आता.... 

चैन भी नहीं आती.... 

प्यार भी नहीं आता.... 

बस याद आती हैं....!



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