STORYMIRROR

Abishake mandhania

Romance Action

3  

Abishake mandhania

Romance Action

बनारस की हवाएँ

बनारस की हवाएँ

1 min
215

हम दोनों ऐसे ही 

धीरे धीरे इश्क़ की

सीढ़ियां चढते गए

एक दुजे को पाने के

लिए अपने मूक्दर 


से लडते गए

एक दिन हम दोनों 

अपने दिल के एहसास

इक दूजे को कह गए

ऐसे मिले दो दिल की 


बनारस के हर घाट हमारे

इश्क़ के गवाह बन गए

आज भी मोहब्बत की उन 

प्यारी सी यादों में सब कुछ 

भुला कर खो जाते हैं


न जाने इस दिल का बनारस

से क्या नाता जुड़ गया है कि हम

हर बार उसी के हो जाते हैं।


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Romance