STORYMIRROR

Abishake mandhania

Fantasy Inspirational

4  

Abishake mandhania

Fantasy Inspirational

दिल ए दर्द

दिल ए दर्द

1 min
500

इस टूटे दिल के साथ

रातों में तन्हाई है

पूर्णिमा की रात में मेरी 

रुह दर्द से नहाई है


कोई ऐसी दवा बताओ 

जो उसे भुला जाए

करो दुआ की एक दिन

यह मौत मुझे सुला जाए


मैंने दम तोड दिया और

उसके हाथों में मेहंदी रची है

मेरे जनाजे की तैयारियां हो

रही है उसकी डोली सजी है


मुझे समसान लेकर जाएगे

दिन के उजाले मे और उसकी

डोली जाएगी तारों की छांव में

अरे उसके तो दिल में ही थी

हम मौत ढूंढते रहे उसके पांव में।


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Fantasy