STORYMIRROR

Dr Lal Thadani

Tragedy Children

3  

Dr Lal Thadani

Tragedy Children

बिल्ली  हो गई अमर

बिल्ली  हो गई अमर

1 min
166

मेरे घर के बाहर एक बिल्ली की मौत की ख़बर

कौवे, कबूतर, बकरी, गाय, कुत्ते हैरान आए नज़र 

मेरे साथ साथ बेजुबानों पर भी हुआ है गहरा असर

रोज़ दाना पानी रोटी दूध खाते पीते थे सब मिलकर 

धर्म, जाति, सांप्रदायिकता का इनमें नहीं था ज़हर 

मेरे देश में जो देखने सुनने को मिल रहा है अक़सर 

मेरी नासमझ पोती भी है चुप देखकर यह मंजर

दूध पिलाती थी जिसे वो बिल्ली हो गई अमर



Rate this content
Log in

Similar hindi poem from Tragedy