STORYMIRROR

Dr Lal Thadani

Romance Tragedy

3  

Dr Lal Thadani

Romance Tragedy

चांद और तारा

चांद और तारा

1 min
181

क्या अद्भुत नज़ारा था

चांद संग सितारा था

कुदरती करिश्मे को भी

सबने अलग पुकारा था

किसी को रमज़ान दिखा

किसी को राम प्यारा था

मेरी आंखों का एक दोष

दीदार बस तुम्हारा था

वो चन्द्रमा का दर्श था

या ठंडा स्पर्श तुम्हारा था

कहीं मजनूं रोया दूरी देख

जिसे बांहों का सहारा था

प्यासा चकोर रोया रात भर

मोहब्बत थी बेचारा था

इश्क़ और जुनून मत पूछो

बावफ़ा भी वफ़ा का मारा था



विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Romance