STORYMIRROR

kishor zote

Drama

2  

kishor zote

Drama

भूली हुई यादें

भूली हुई यादें

1 min
559


क्यूँ याद आती है

ये भूली हुई यादें

क्यूँ पीछा नहीं छोड़ती

ये भूली हुई यादें।


हरदम मजबूर करती

ये भूली हुई यादें

दिलों का मरहम

ये भूली हुई यादें।


कुछ अनकही सी

ये भूली हुई यादें

मन को तड़पाती

ये भूली हुई यादें।


अधुरा सा ख्वाब

ये भूली हुई यादें

अपना अधुरापन

ये भूली हुई यादें।


आँसुओं का सागर

ये भूली हुई यादें

फिर से याद आती

ये भूली हुई यादें।


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

More hindi poem from kishor zote

सच

सच

1 min पढ़ें

आसमान

आसमान

1 min पढ़ें

अनमोल

अनमोल

1 min पढ़ें

आँसू

आँसू

1 min पढ़ें

याद

याद

1 min पढ़ें

शक

शक

1 min पढ़ें

Similar hindi poem from Drama