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AVINASH KUMAR

Romance

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AVINASH KUMAR

Romance

भले ही ज़्यादा कमाई न दे

भले ही ज़्यादा कमाई न दे

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भले ही ज़्यादा कमाई न दे

मगर अपने प्रेमी को बेवफ़ाई न दे


भरोसा तुम्हीं पर है रहता सदा

हमें जब कभी कुछ सुझाई न दे


सिखाए जो नफ़रत ही नफ़रत महज़

किसी को भी ऐसी पढ़ाई न दे


बुलंदी न देना तू ऐसी कभी

ज़मीं भी जहां से दिखाई न दे


मैं नेकी की राहों में 'कुमार' चलूं

मुझे नेक पथ से रिहाई न दें


दिसम्बर की सर्द रात और तेरी इश्क़ से आनाकानी,

मुझको तो चलो ठंड लगेगी, पर तुम को पाप लगेगा रानी..!


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