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Dr Reshma Bansode

Drama Tragedy Thriller

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Dr Reshma Bansode

Drama Tragedy Thriller

भेद

भेद

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कुछ राज़ ही होगा

कोई कैसे इतना बदल सकता है ?

रंग लहू का क्या काला बन सकता है ?


कोई भेद ही होगा,

जो छुपा हुआ था हर किसी से ।

क्या इतना खूबसूरत नकाब भी है हो सकता ?


कोई पुरानी रंजिश ही होगी,

या इस जन्म की या फिर उससे पहले की ।

क्या अपने ही खून से सींचे पौधे को है कोई काट सकता ?


कोई अजीब से नाराजगी होगी,

जिसकी कोई न जान न पहचान ।

क्या बेवजह आपने ही देह को है छेद सकता ?


अगर कुछ है नहीं,

तो ये हो रहा क्या है ?

गिरगिट भी शर्मा जाए,

क्या इतना रंग बदल सकता है कोई ?


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