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एम एस अजनबी

Classics

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एम एस अजनबी

Classics

भाग्य विधाता

भाग्य विधाता

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मार्गदर्शन में आपके,

सत्यमार्ग पर बढ़े हर कदम

अज्ञानता के अंधकार का

तोड़ा हर भ्रम।


गुरुवर जो आप हो मिले

आपकी छाया में पले,

राहों में बढ़े, बढ़ते चले

नित्य नए ज्ञान का प्रकाश,

जीवन में भरा हर कदम।


गर्व से उठा मेरा सर,

आपके ज्ञान के हैं ये करम

ऐ गुरुवर है आपको मेरा नमन।


एक आप ही हो जो ज्ञान दाता हैं

दिया प्यार संग

जीवन की शिक्षा आपार

एक विधाता मात-पिता,

दूजे आप ही गुरु ज्ञान दाता हो।


ममतामयी प्यार मिला

गुरुवर आप की छाँव में

आप ही ज्ञान दाता हो मेरे,

आप ही भाग्य निर्माता हो।


करूं पूजा आपकी,

आपके चरणों पे

मेरा शत-शत नमन

ऐ गुरुवर है आपको मेरा नमन।


ऐ गुरुवर तेरा मेरा यूँ साथ है

जैसे राही और राह है

सत्य राह पर चलते हुए

जैसे राही मंजिल पा गया,


हमे भी अपने जीवन का मूल्य

आपके ज्ञान से समझ आया

ज्ञान से जाना समझा,

कि जीवन बड़ा ही अनमोल पाया।


आपका दिया ज्ञान

है बड़ा ही अनमोल रतन 

औरों संग बांटने का

हमेशा करूँ मैं जतन।

ऐ गुरुवर है आपको

मेरा नमन...मेरा नमन।


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