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Neetu Lahoty

Romance


5.0  

Neetu Lahoty

Romance


बेमिसाल वो

बेमिसाल वो

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मैं चाह कर भी नफ़रत

उससे कर न सका

मौहब्बत जितनी भी थी 

कमाल की थी


मैं उसका हमसफ़र बन न सका 

पर जो लम्हें गुजरे उसके साथ 

बेमिसाल थे 

मैं उसका सुकून बन न सका 


पर मेरे हिस्से का पुरसुकून 

लाजवाब था 

मैं अपनी चाहत मुकम्मल कर न सका 

पर हासिल जो भी हुआ 


यक़ीनन कमाल का था 

मैं जहन से उसे कभी जुदा कर न सका 

हक़ीक़त में वो शख्स बेमिसाल था 


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